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Showing posts with the label लेखक के विचार

Kindle Select से जुड़ीं विषमताएं

यह लेख अनुभव के आधार पर लिखा एक संस्मरण है| इस लेख में अन्वेषण पर आधारित तथ्यों की व्याख्या नहीं है| इस लेख का संबंध Kindle Direct Publishing में Kindle Select योजना से है| Kindle Direct Publishing पर मैंने एक पुस्तक भी लिखी है जिस का शीर्षक है हिंदी में लिखी पुस्तक को प्रकाशितकरने की सुनहरी किताब . यह पुस्तक Amazon पर उपलब्ध है. इस का फेसबुक page भी है जिस पर आप यहाँ पर click कर के पहुँच सकते हैं . इस पुस्तक में मैंने Kindle Select Programme को अपनाने की पुर्जोर सिफारिश की है.   February 2020 में मैंने Google Partnership programme की सदस्यता प्राप्त कर ली. उस समय यह विचार सामने आया कि मैं Kindle के माध्यम से मुद्रित पुस्तकों को Google Play पर भी उपलब्ध करूं.   Kindle Select योजना की यह शर्त मुझे अच्छी तरह से मालूम थी कि जब तक Kindle Select में पुस्तक उपलब्ध है , उस पुस्तक को प्रकाशक यां लेखक किसी और ई-पटल खुद से ही नहीं उपलब्ध करा सकता. अगर लेखक या प्रकाशक ऐसा करना चाहता है तो उस के लिए उसे Kindle Select योजना को छोड़ना पड़ेगा| अगर उस योजन...

Google Play Books और Kindle Direct Publishing की तुलना

एक लेखक  का दावा है कि किताबों की बिक्री केवल  Kindle   Direct   publishing  ( KDP ) पर ही होती है| उपरोक्त लेख के साथ मेरे से जुड़ी एक रोचक बात यह है कि 22/04/2020 को उस लेखक ने  Google   Playbooks  के प्रकाशन के संबंध में अपने विचारों को पुन: परीक्षित किया था और अपने विचारों को बदला था| 22 फरवरी को ही मैंने  Google   Play   Partner   account  खोला था| मुझे  Google   Play  पर अपनी पुस्तकें प्रकाशित करने में किसी भी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा था| जहाँ तक बारीकी जानने के बात थी उस के लिए  online   Chat  सेवा का प्रयोग करते हुए हर अडचन का हल प्राप्त कर लिया गया था| इस लिए मैंने अपने  एक पिछले लेख  में  Google   Play   Publishing  के सम्बन्ध में प्रशंसा भी लिखी थी| जहाँ तक बिक्री का प्रश्न है ,  उस के संबंध में मैं अभी किसी निर्णय पर नहीं पहुंच सकता हूँ| मार्च 29 ,  2020 को मैंने  Google   Playbooks  पर अपनी  पहली पुस्तक ...

क्या स्वयं-प्रकाशन लाभदायक व्यवसाय हो सकता है? (भाग 1)

क्या स्वयं-प्रकाशन लाभदायक व्यवसाय हो सकता है? यह प्रश्न केवल भारत में ही नहीं पुछा जाता है बल्कि पश्चिमी देशों में भी उतनी ही तीव्रता से उठाया जाता है| मेरा विचार है कि स्वयं-प्रकाशन पश्चिमी देशों में ज्यादा प्रचलित है| ऐसा नहीं कि भारत में इस सम्बन्ध में कोई रुचि या चेतना नहीं है| जहाँ तक मेरी जानकारी है अमिश त्रिपाठी और सावी शर्मा ने अपना लेखन का सफ़र स्वयं-प्रकाशन से किया था| उनकी लोकप्रियता के बाद ही स्थापित प्रकाशकों ने उन्हें अनुबंधित किया था| आंकड़ों पर आधारित अगर बात करनी हो तो 2017 में Jeff Bezos ने अपने shareholders को यह अधिकारिक सूचना दी थी कि उस वर्ष उस की कम्पनी ने 1000 से ज्यादा प्रति लेखकों को एक लाख डॉलर्स के लगभग रायल्टी का भुगतान किया था | उसी वर्ष में एक अमेरिकी निकाय ने आंकड़ा जारी किया था कि अमेरिका में प्रति वर्ष 10000 नए लेखक सामने आते हैं | इन आंकड़ों की चर्चा मैंने अपनी पुस्तक, “ हिंदी में लिखी पुस्तक को स्वयं प्रकाशित करने की सुनहरी किताब: A Golden Kit for Self-Publish a Book Wri...